उद्देश्य (Objectives)
इसका उद्देश्य सामान्य क्रेडिट कार्ड (जीसीसी) के माध्यम से व्यक्तियों को गैर-कृषि क्षेत्र में उद्यमशीलता की गतिविधि के लिए दिए जाने वाले ऋण के प्रवाह को बढ़ाना है।
पात्रता (Eligibility)
व्यक्तियों को दिए जाने वाले ऐसे सभी गैर कृषि उद्यमी ऋण जो कि प्राथमिकता क्षेत्र दिशानिर्देशों के तहत वर्गीकरण के लिए पात्र हैं।
व्याप्ति (Coverage)
योजना को बैंक कार्य क्षेत्र के सभी 20 जिलों में लागू की जाती है।
क्रेडिट सीमा की मात्रा (Quantum of credit limit)
जहां तक ऋण गैर-कृषि उद्यमशीलता की गतिविधि के प्रयोजन के लिए है और वह अन्यथा प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में वर्गीकरण के लिए पात्र हो तो ऋण राशि पर कोई उच्चतम सीमा नहीं होगी। उक्त सीमा मामलावार आधार पर जोखिम मूल्यांकन
आधारित रूप में निर्धारित की जानी चाहिए।
प्रतिभूति (Security)
- ए) रु. 1.60 लाख तक का ऋण: ऋण राशि से सृजित परिसंपत्तियों का दृष्टिबंधक (Hypothecation)।
- बी) रु. 1.60 लाख से ऊपर और रु. 10.00 लाख तक का ऋण: ऋण राशि से सृजित चल परिसंपत्तियों का दृष्टिबंधक और उस अचल संपत्ति जिस पर प्राथमिक प्रतिभूति स्थापित होगी का बंधक। ऋण का NCGTC से आच्छादन
कराया जाएगा।
- सी) रु. 10.00 लाख से ऊपर का ऋण:
- ऋण राशि से सृजित चल परिसंपत्तियों का दृष्टिबंधक और उस अचल संपत्ति जिस पर प्राथमिक प्रतिभूति स्थापित होगी का बंधक।
- संपार्श्विक प्रतिभूति (Collateral Security): यथा- FDR (अपने बैंक का) / NSC / KVP / LIC पॉलिसी का surrender value / जमीन / मकान का बंधक जिससे पूर्ण ऋण राशि सुरक्षित हो जाए। और/या
बैंक को स्वीकार्य तृतीय पक्ष की गारंटी (जमानतदार का Realistic net means ऋण राशि का तीन गुणा होना चाहिए)।
ब्याज की दर (Rate of Interest)
RBI / Bank के नियमानुसार समय-समय पर परिवर्तनीय।
मार्जिन (Margin)
- क) रु. 25.00 हजार तक का ऋण: शून्य।
- ख) रु. 25.00 हजार से ऊपर का ऋण: 25% (महिला / अ.जा. / अ.ज.जा. के मामलों में 20%)।
पुनर्भुगतान (Repayment)
- क) आवधिक ऋण (Term Loan): नकद प्रवाह के अनुरूप, प्रथम किश्त वितरण से अनुग्रह अवधि (Gestation period) सहित 5 वर्ष में।
- ख) नकद उधार ऋण (Cash Credit Loan): मांग पर (On Demand)।
वितरण (Disbursement)
- क) आवधिक ऋण: किश्तों में, कार्य की प्रगति को देखते हुए।
- ख) नकद उधार ऋण: आवधिक ऋण वितरण के बाद कार्य पूर्ण हो जाने पर कार्यशील पूँजी हेतु।
बीमा (Insurance)
बैंक ऋण से क्रय की गई परिसंपत्तियों का बीमा बैंक क्लॉज के साथ लाभान्वितों के खर्च एवं जिम्मेदारी पर कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। बीमा पॉलिसी की एक प्रति ऋण दस्तावेज के साथ सुरक्षित रखी जाएगी।